23 मई 2019 - 13:33
परमाणु हथियार विश्व की शांति व सुरक्षा के लिए गम्भीर ख़तराः राष्ट्रसंघ

रोचक बात है कि अब तक विश्व के 188 देश NPT पर हस्ताक्षर कर चुके हैं जबकि भारत, पाकिस्तान और जायोनी शासन ने अभी तक इसे स्वीकार नहीं किया है और NPT का उल्लंघन होने के बाद उत्तर कोरिया भी इस संधि से निकल गया है।

दुनिया में परमाणु शस्त्रभंडारों के अस्तिव और दिन- प्रतिदिन उनमें विस्तार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति व सुरक्षा के लिए चिंता उत्पन्न हो गयी है। इसी संबंध में राष्ट्रसंघ ने घोषणा की है कि इस समय परमाणु हथियारों के प्रयोग का खतरा अपने चरम बिन्दु पर पहुंच गया है।

साथ ही उसने विश्व समुदाय से इसे रोकने की दिशा में कदम उठाये जाने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्रसंघ की शस्त्र निरस्त्रीकरण पर शोध करने वाली संस्था के प्रमुख रेनाटा डवान ने कहा कि जो सरकारें परमाणु हथियारों से सम्पन्न हैं वे इन हथियारों के आधुनिकीकरण के प्रयास में हैं और इसके लिए उनके पास कार्यक्रम हैं और परमाणु हथियारों को नियंत्रित करने का दृष्टिकोण परिवर्तित हो रहा है और उसके एक भाग का संबंध अमेरिका और चीन के मध्य होने वाली प्रतिस्पर्धा से है।

22 मई को जनेवा में चीनी राजदूत ने वाशिंग्टन पर विध्वंसक कार्यवाहियों, समझौतों को नुकसान पहुंचाने और शीतयुद्ध की मानसिकता रखने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका वर्चस्वादी व्यवहार कर रहा है।

परमाणु हथियारों को नियंत्रित करने के लिए परमाणु हथियार अप्रसार संधि NPT मौजूद है परंतु परमाणु हथियारों को कम करने की दिशा में न केवल प्रभावी ढंग से काम नहीं किया गया है बल्कि व्यवहारिक रूप से इसका उल्टा किया गया और जो देश इन हथियारों से सम्पन्न हैं उनमें से कुछ इन हथियारों को अधिक से अधिक विकसित बनाने के प्रयास में हैं।

रोचक बात है कि अब तक विश्व के 188 देश NPT पर हस्ताक्षर कर चुके हैं जबकि भारत, पाकिस्तान और जायोनी शासन ने अभी तक इसे स्वीकार नहीं किया है और NPT का उल्लंघन होने के बाद उत्तर कोरिया भी इस संधि से निकल गया है।

बहरहाल विश्व की बड़ी परमाणु शक्तियां यानी अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और रूस गम्भीर रूप से NPT का उल्लंघन कर रही हैं।

वास्तव में इन पांच देशों में से हर एक अपने विशेष लक्ष्यों व हितों के दृष्टिगत इन हथियारों के अधिक से अधिक विकास की चेष्टा हैं जो न केवल अंतरराष्ट्रीय समझौतों के खिलाफ है बल्कि परमाणु हथियारों को नष्ट करने के बारे में स्वयं NPT के अनुच्छेदों का उल्लंघन है।